अब मेरठ में निकला चूरनछाप नोट

अब तक तो भारत में हमारे नोटों के ऊपर भारतीय रिज़र्व बैंक लिखा होता था, लेकिन जब से मोदी सरकार ने नोटबंदी का फैसला लिया है तब से कभी आधी छपाई वाले नोट नोट लोगों को मिले हैं तो कभी बिना महात्मा गाँधी जी की तस्वीर वाले नोट भी ATM मशीन से निकले हैं और इस तरह की गलतियों पर सरकार और भारतीय रिज़र्व बैंक को बार बार सफाई देनी पड़ी है, लेकिन पिछले 15 दिनों में ये तीसरी बार है कि ATM से चूरन छाप नोट निकला हो मेरठ में PNB के ATM से चूरन छाप लिखा हुआ नोट निकला है इससे पहले 06 फरवरी 2016 को दिल्ली के संगम विहार में भारतीय स्टेट बैंक के ATM से 2000 के नोट निकले जिन पर भारतीय रिज़र्व बैंक की बजाय भारतीय मनोरंजन बैंक लिखा हुआ है और इतना ही नहीं उसके ऊपर अशोक चिन्ह के स्थान पर चूरन लेबल भी लिखा हुआ है और उसके बाद शाहजहाँपुर में भी ATM से ऐसा ही नोट निकला था अब पता नहीं इसपर सरकार और भारतीय रिज़र्व बैंक क्या कहेगी, परंतु इन गलतियों से एक बात तो साबित हो गयी है की नोटबंदी का फैसला मोदी सरकार की बहुत बड़ी भूल और गलती थी क्योंकि जब लोग अपने ही पैसे लेने के लिए घंटों बैंक एवम ATM की पंक्तियों में खड़े हों और उन्हें गलत छपाई वाले नोट मिले जो बाज़ार और दुकानों पर ना चल पाते हों इससे तो यही लगता है कि यह फैसला बिना किसी तैयारी के हड़बड़ी में लिया गया फैसला है और इसके दूरगामी परिणाम बहुत अच्छे नहीं होने वाले हैं l

नोटबंदी का ऐलान अचानक 08 नवम्बर 2016 को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था और कहा था कि इससे भ्रस्टाचार आतंकवाद और काल धन आदि लेकिन ऐसा कुछ होता नहीं दिखाई पड़ता इसके विपरित 08 नवम्बर के बाद से आम लोगों को बहुत मुशिबतों का सामना करना पड़ा है और ये सिलसिला अब तक जारी है l
नोटबंदी की वजह से लगभग 200 लोगों की जान उस वक़्त चली गयी जब वो अपना पैसा निकालने के लिए बैंक की पंक्ति में खड़े थे और कानपुर के एक गांव में बैंक की पंक्ति में खड़ी एक महिला ने एक बच्चे को जनम दिया और उसका नाम खजांची रख दिया और ये फैसला ऐसे समय लिया गया जब गेंहूँ की बुवाई का समय था तो ये फैसला किसानों के लिए तो एक भयानक सपने के आलावा और कुछ नहीं था अलग अलग समाचार पत्रो की खबरों के मुताबिक लाखों लोग बेरोज़गार हो गये सैकड़ों कारखाने बंद हो गए और तो और सेना द्वारा मारे गए आतंकियों के पास से 2000 के नोट भी बरामद हुए हैं l

इन सब मामलों को ध्यान से देखें तो समझ में आयेगा कि यह फैसला मोदी सरकार ने बिना किसी गहन अध्ययन के अपने मनोरंजन के लिए ले लिया था क्योंकि यदि ऐसा नहीं होता तो इस फैसले के 100 दिन गुजर जाने के बाद भी लोगों को इतनी तकलीफों का सामना नहीं करना पड़ता l

ATMसे निकले नोटों पर निम्न गलतियां हैं :
1. भारतीय रिज़र्व बैंक के स्थान पर भारतीय मनोरंजन बैंक
2 . सीरिअल नंबर 000000
3 . रुपये वाला निशान नहीं है
4 . रिज़र्व बैंक की मौहर की जगह पी के का निशान
5 . मैं धारक को 2000 रुपये का वचन देता हूँ की जगह मैं धारक को 2000 कूपन देने का वचन देता हूँ
6 . गवर्नर के हस्ताक्षर भी नहीं हैं
7. रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया की जगह चिल्ड्रन बैंक ऑफ़ इंडिया
8. अशोक चिन्ह की जगह चूरन का लेबल है

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