रामजेठमलानी बनाम अरुण जेटली

जब मोदी के आदेश पर CBI ने दिल्ली के मुख्यमंत्री के कार्यालय पर छापा मारा तो उस समय दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने कहा की क्योंकि वो कमीटी का गठन करने वाले थे जो DDCA में हुए भ्रस्टाचार की जाँच करती और चूँकि अरुण जेटली उस समय DDCA के मुखिया थे तो ये कमीटी उनके द्वारा किये गए भ्रस्टाचार की भी जाँच करती इसलिए नरेंद्र मोदी ने केजरीवाल के कार्यालय पर CBI का छापा मरवाया गया ताकि उस जाँच से सम्बंधित कागजातों को CBI अपने साथ ले गयी इस आरोप के बदले अरुण जेटली ने अरविन्द केजरीवाल पर मानहानि का मुक्क़द्दमा कर दिया ।

दिल्ली उच्च न्यायालय में उसी मामले की सुनवाई चल रही थी, जिसमें केजरीवाल की तरफ से पैरवी करने वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी मौजूद थे। जेठमलानी ने जेटली से जिरह में उनकी अंग्रेजी से लेकर मान और सम्मान की सामाजिक समझ पर सवालों की बौछार कर दी। एनडीटीवी के मुताबिक, एक मौका ऐसा भी आया जब जेठमलानी ने जेटली से कहा कि मेरी सलाह मानिए, जो पूछा जा रहा है, वही जवाब दीजिए।
राम जेठमलानी ने जेटली से पूछा कि आपने कैसे तय किया कि आपकी जो मानहानि हुई है, उसकी आर्थिक रूप से भरपाई की जा सकती है और ये मानहानि 10 करोड़ की है? इस पर वित्त मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि मेरी मानहानि की क्षतिपूर्ति पैसे के आधार पर मुश्किल है। बहरहाल परिवार, दोस्तों या समाज के बीच जो मेरा महत्व या साख है, उस आधार पर 10 करोड़ का दावा किया है।
जेटली ने कहा कि केजरीवाल ने उन पर झूठे आरोप लगाए हैं। जो कीमत उन्होंने कोर्ट के समक्ष रखी है, वह उनकी क्षति का केवल एक छोटा सा हिस्सा है। इन आरोपों से उन्हें भारी मानसिक पीड़ा हुई है। उनकी छवि व कद के हिसाब से उनकी जो क्षति हुई है, उसे रुपयों में नहीं आंका जा सकता। केजरीवाल की तरफ से सफाई देते हुए कहा कि जेठमलानी ने जेटली को याद दिलाया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री ने सिर्फ पत्रकार मधु किश्वर द्वारा किए गए ट्वीट को रिट्वीट किया था। इस पर जेटली ने कहा कि कई लोगों ने सोशल मीडिया पर गैर जिम्मेदाराना बयान दिया है, लेकिन जब एक मुख्यमंत्री उन्हें समर्थन देता है, तो यह गंभीर अपराध बन जाता है।
जेठमलानी ने जेटली से पूछा कि आपको केजरीवाल से कोई दुश्मनी नहीं है? इस पर जेटली ने कहा कि मुझे कोई निजी दुश्मनी नहीं है, लेकिन मुझे उनका नहीं पता। एक बार वो डीडीसीए का प्रेजीडेंट का चुनाव लड़े और हार गए। यहां तक कि लोकसभा चुनाव में उन्होंने मेरे खिलाफ जमकर प्रचार किया।
जेटली ने कहा कि चुनावों में कई फैक्टर होते हैं सिर्फ प्रत्याशी के साख का सवाल नहीं होता। याद रहे कि केजरीवाल भी 2014 लोकसभा का चुनाव वाराणसी में 3.50 लाख वोटों से हारे थे। इस पर जेठमलानी ने जेटली से कहा कि मेरी सलाह मानिए, जो आपसे पूछा जा रहा है, वही जवाब दीजिए। क्या आप एक लाख से ज्यादा वोटों से हारे थे? इस पर जेटली ने कहा कि सही है।
इस मामले में बहस के दौरान वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी की तरफ से अरुण जेटली के लिए 52 सवाल रखे गए। इनमें से 30 केस से जुड़े सवाल लगे, एक-तिहाई सवालों को कोर्ट की तरफ से अयोग्य करार दिया गया। पूर्व बीजेपी नेता राम जेठलमलानी इस केस को केजरीवाल की तरफ से लड़ रहे हैं।
उच्च न्यायलय में उपस्थित पत्रकारों की मानें तो अरुण जेटली जो खुद पेशे से वकील हैं और देश के वित्त मंत्री भी हैं लेकिन राम जेठमलानी के सामने वो खुद को फंसा हुआ महसूस कर रहे हैं आजतक के मुताबिक तो अरुण जेटली राम जेठमलानी के सवालों से भावुक हो गए, आज दूसरे दिन भी राम जेठमलानी ने ऐसे कई सवाल किये जिनका जवाब देने में अरुण जेटली असहज नज़र आये ।

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