भाजपा मंत्री पर 600 करोड़ के घोटाले का आरोप

प्रधानमंत्री मोदी हमेशा कहते हैं कि ना खाऊंगा ना खाने दूँगा, पर इसके विपरीत बीजेपी शासित राज्यों में कोई न कोई घोटाले की खबरें आती हैं चाहे वो मध्यप्रदेश का व्यापम घोटाला हो चाहे छत्तीसगढ़ में राशन घोटाला और महाराष्ट्र का चिक्की घोटाला। अब महाराष्ट्र के ही गृहमंत्री प्रकाश मेहता पर बिल्डरों के साथ मिलकर 600 करोड़ के घोटाले का आरोप लगा है।

महाराष्ट्र विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने बीएमसी का पोस्टमॉर्टम कर दिया। उन्होंने बीएमसी में चर्चित सभी घोटाले सिलसिलेवार तरीके से सदन में रखा। उन्होंने कहा कि शहर का दर्जा गिरता जा रहा है। यहां गड्ढे में सड़क है या सड़क में गड्ढे हैं, यह तय नहीं हो पा रहा है। सड़क में घोटाले करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया। अब उन्हीं ठेकेदारों को ठेके दिए जा रहे हैं, फिर सड़क में क्वॉलिटी कहां से आएगी। गड्डा मुक्त सड़क कैसे बनेगी। नाला सफाई के लिए प्रकाश पाटिल समिति बनाई, क्या हुआ उसका? मुंबई में बिल्डरों की अपनी मनमानी है। गृह निर्माण मंत्री प्रकाश मेहता पर आरोप लगाया कि इन्होंने गृह निर्माण सचिव के रिमार्क को साइड करते हुए मुख्यमंत्री की रजामंजी बताते हुए बिल्डर को फायदा पहुंचाने का काम किया। इनकी करतूत से एक बिल्डर को 500 से 600 करोड़ का फायदा हो सकता था, वह तो मुख्यमंत्री ने स्टे दे दिया। एसआरए के विश्वास पाटिल एक ही दिन सैकड़ों फाइलों का निपटारा कर देते हैं? चव्हाण ने कहा कि गृह निर्माण मंत्री प्रकाश मेहता को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।

एनसीपी के जितेंद्र आव्हाड़ ने मुंबई में बिल्डरों की दादागिरी और उनकी मनमानी और वादा खिलाफी का मुद्दा उठाया। उन्होंने विस्तार से बताया कि मुंबई के बिल्डर कैसे आम ग्राहकों को लूट रहे हैं। कांग्रेस के नसीम खान ने बीएमसी को फिर 3 टुकड़ों में बांटने की मांग की। उन्होंने अपने मतदान क्षेत्र में एयरपोर्ट के विकास से प्रभावित लोगों का मामला सदन में रखा और पूछा कि जब 17000 घर एचडीआई में उपलब्ध हैं, तो क्यों नहीं लोगों को वहां शिफ्ट किया जाता?

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