लोकपाल: फिर आंदोलन करेंगे अन्ना मोदी को लिखा पत्र

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने भाजपा नीत सरकार को लोकपाल की नियुक्ति करने के मुद्दे पर गंभीर न होने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा और इस संबंध में उन्हें आंदोलन करने के लिए चेताया। हजारे ने पत्र में लिखा है ‘‘आपकी सरकार के सत्ता में आने के बाद विश्वास होने लगा था कि लोकपाल की मांग पूरी हो जाएगी हालांकि ऐसा नहीं हुआ।’’ प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने कहा, ‘‘आपके ऐसे रवैये के चलते मैं एक और आंदोलन करने पर विचार कर रहा हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वर्ष 2011 में दिल्ली के रामलीला मैदान में मेरे अनशन को देशव्यापी प्रतिक्रिया मिली थी और लोकपाल विधेयक संसद में पारित हुआ था।’’ आगे उन्होंने लिखा है ‘‘आपकी सरकार के सत्ता में आने के बाद विश्वास होने लगा था कि लोकपाल की मांग पूरी हो जाएगी। हालांकि ऐसा नहीं हुआ।’’ उन्होंने लिखा ‘‘आपने जनता से किया गया वादा त्याग दिया।’’ हजारे ने लिखा है ‘‘मैं तीन साल चुप रहा लेकिन भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन फिर से शुरू करने का समय आ गया है। लोकपाल कानून को लागू न करना जन भावनाओं का गहरा अपमान करना है।’’ उन्होंने कहा अभी भी देश भर से भ्रष्टाचार के बारे में शिकायतें मिलती हैं।

इससे पहले लोकपाल की नियुक्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया है कि वह बिना नेता विपक्ष के ही लोकपाल की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करे. कोर्ट ने कहा, नेता विपक्ष के ना होने की वजह से लोकपाल की नियुक्ति को रोके रखने का कोई औचित्य नहीं है और वर्तमान कानून में बिना LOP के लिए संशोधन किए भी लोकपाल की नियुक्ति की जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की उस दलील को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया कि बिना कानून में संशोधन किए लोकपाल की नियुक्त नहीं हो सकती। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आमतौर पर जब कोई संशोधन संसद में लंबित हो तो कोर्ट कोई आदेश जारी नहीं करता लेकिन इस कानून में संशोधन के बिना नियुक्ति हो सकती है। अगर नेता विपक्ष नहीं हैं तो लोकपाल की चयन समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, भारत के प्रधान न्यायाधीश या नामित सुप्रीम कोर्ट के जज ही एक नामचीन हस्ती का चुनाव कर सकते हैं।
24 अप्रैल 2017 को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि केंद्र के पास इसका कोई जस्टिफिकेशन नहीं है कि इतने वक्त तक लोकपाल की नियुक्ति को सस्पेंशन में क्यों रखा गया है।

वसुंधरा राजे के रहते भ्रष्टाचार नहीं जायेगा: भाजपा विधायक

लोकभारत अखबार की खबर के अनुसार राजस्थान में बीजेपी के वरिष्ठ नेता और सांगानेर से विधायक घनश्याम तिवाड़ी ने अपनी ही पार्टी की सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। तिवाड़ी ने सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया का नाम लेकर कहा कि जब तक राज्य में मैडम सीएम हैं तब तक भ्रष्टाचार समाप्त नहीं हो सकता।

तिवाड़ी ने अपने लोकसंग्रह अभियान के एक कार्यक्रम में प्रेस कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करते हुए कहा कि यदि पीएम मोदी भ्रष्टाचार मिटाने के प्रति गंभीर हैं तो उन्हें इसकी शुरुआत राजस्थान से करनी होगा। इसके लिए उन्हें पहले राज्य की सीएम को हटाना पड़ेगा।

तिवाड़ी ने कहा कि राजस्थान में आगामी विधानसभा चुनाव मैडम के नेतृत्व में लड़ा गया तो मैं चुनाव नहीं लडूंगा और भाजपा उनके नेतृत्व में चुनाव हारेगी। पार्टी की खिलाफत को लेकर केंद्रीय नेतृत्व की ओर से दिए गए नोटिस के सवाल पर तिवाड़ी ने कहा कि मैंने अपना जवाब दे दिया है। अब कार्रवाई मुझ पर नहीं मैडम पर होगी।

गौरतलब है कि बीजेपी नेता घनश्याम तिवाड़ी पहले भी राज्य सरकार पर कई गंभीर आरोप लगा चुके हैं। उनका आरोप है कि राज्य की वसुंधरा सरकार भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है। अब देखना दिलचस्प होगा कि राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया तिवाड़ी के खिलाफ क्या कार्यवाही करती हैं चूँकि तिवाड़ी ने मुख्यमंत्री पर सीधा हमला किया है। भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व इस मामले में क्या रुख अपनाता है यह देखना भी जरुरी होगा क्योंकि भाजपा के सबसे बड़े नेता और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा कहते हैं कि ना खाऊँगा ना खाने दूँगा तो क्या नरेंद्र मोदी वसुंधरा राजे पर लगे इन आरोपों को गंभीरता से लेंगे और उनके खिलाफ कोई कार्यवाही करेंगे ये आने वाले समय में पता चल पायेगा। घनश्याम तिवाड़ी ने जो आरोप राज्य की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर लगाये हैं उसके बाद विपक्षी दलों को बैठे बिठाये एक मुद्दा मिल गया है आम आदमी पार्टी के नेता और राजस्थान के प्रभारी कुमार विश्वास ने लोकभारत की इस खबर को रीट्वीट कर वसुंधरा राजे पर निशाना साधा है।

दिल्ली :अखबारों में विज्ञापन देकर फीस लौटा रहे निजी स्कूल

केजरीवाल सरकार ने 17 अगस्त को 449 निजी स्कूलों को बढ़ी हुई फीस वापिस करने का जो नोटिस दिया था उसे दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल की मंजूरी मिलने बाद अब निजी स्कूलों में फीस लौटने की होड़ लग गयी है और हालात ये हैं की बहुत से निजी स्कूल सरकार की कार्यवाही से बचने के लिए अब अख़बारों में विज्ञापन देकर छात्रों के अभिभावकों को सूचित कर रहे है कि वो बढ़ी हुई जमा की गयी फीस स्कूल आकर वापिस ले जायें। केजरीवाल सरकार का यह कदम सभी राज्य सरकारों के लिए एक नजीर है कि यदि सरकार चाहे तो क्या नहीं कर सकती? जो देश की आज़ादी के 70 साल बाद भी निजी स्कूल अपनी मनमानी कर रहे हैं और सरकारें उनके आगे लाचार हैं,लेकिन केजरीवाल सरकार ने इस प्रथा को बदला है उम्मीद है कि दूसरे राज्य भी इसका अनुसरण करेंगे। बड़े-बड़े निजी स्कूल फीस लौटाने के लिये अखबारों में विज्ञापन दे रहे हैं। जैसे रोहिणी का लांसर स्कूल, समलखा का हीरा पब्लिक स्कूल, श्याम विहार का श्रीमती मिश्री देवी ज्ञान निकेतन स्कूल आदि. इससे पहले सरकार के नोटिस के बाद कई स्कूलों ने हाई कोर्ट में ही बढ़ी हुई फीस जमा करा दी थी।

इससे पहले 17 अगस्त 2017 को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर निजी स्कूलों को कहा था कि या तो वो बच्चों से ली गयी बढ़ी हुई फीस 9% ब्याज के साथ अभिभावकों को वापिस करें नहीं तो दिल्ली सरकार सभी 449 स्कूलों को अपने अधीन ले लेगी और इन स्कूलों को दिल्ली सरकार ही चलायेगी। इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उनकी या उनकी सरकार की मंशा निजी स्कूलों को अपने अधीन करने की नहीं है वो तो सिर्फ इतना चाहते हैं अनिल दवे कमीटी की रिपोर्ट के अनुसार निजी स्कूल बढ़ी हुई फीस छात्रों के अभिभावकों को 9% ब्याज के साथ वापिस करें।

ज्ञात हो कि दिल्ली की अरविंद केजरीवाल की सरकार ने पिछले साल दिल्ली सरकार की जमीन पर बने सभी निजी स्कूलों का ऑडिट करवाया था जिससे कि सरकार यह पता लगा पाये की निजी स्कूल जो फीस छात्रों से ले रहे हैं वो कितनी जायज़ है। लेकिन ऑडिट में जो तथ्य सामने आये तो दिल्ली सरकार ने यह आदेश जारी किया कि कोई भी निजी स्कूल बिना सरकार की अनुमति के फीस नहीं बढ़ायेगा।लेकिन इसके बावजूद बहुत से स्कूलों ने मनमानी फीस बढ़ा दी और छात्रों से फीस ले भी ली। यही नहीं निजी स्कूलों का संगठन दिल्ली सरकार के फैसले के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय भी गया लेकिन उसे वहाँ से भी कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद ही केजरीवाल सरकार ने निजी स्कूलों को कहा या तो बढ़ी हुई फीस वापिस करो या दिल्ली सरकार इन सभी स्कूलों को अपने अधीन ले लेगी। दिल्ली की केजरीवाल सरकार का यह फैसला पूरे देश में शिक्षा के नाम पर चल रहे व्यापार को समाप्त करने की ओर एक साहसिक कदम है। इस फैसले के बाद अन्य राज्यों की सरकारों पर भी दबाव बढ़ेगा कि वो भी अपने-अपने राज्यों में निजी स्कूलों की मनमानी पर ऐसी ही लगाम लगायें।

सुप्रीम कोर्ट से मोदी सरकार को झटका

आज का सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला मोदी सरकार के लिए एक बहुत बड़ा झटका है, क्यूँकि मोदी सरकार सुप्रीम कोर्ट में निजता के अधिकार का विरोध कर रही थी। इतना ही नहीं सरकार की तरफ से भारत के अटॉर्नी जर्नल ने दलील देते हुए कहा था की निजता का अधिकार भारत जैसे अविकसित देशों के नागरिकों के लिए मायने नहीं रखता, यह तो अमेरिका या कनाडा जैसे विकसित देशों के नागरिकों के लिए है या फिर निजता का अधिकार उन लोगों को चाहिए जो गलत काम करते हैं।

लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की सभी दलीलें दरकिनार करते हुए आज गुरुवार(24 अगस्त) को बड़ा फैसला सुनाते हुए निजता के अधिकार को भारत के संविधान के तहत मौलिक अधिकार घोषित किया।प्रधान न्यायाधीश जे. एस. खेहर की अध्यक्षता वाली नौ सदस्यीय संविधान पीठ ने फैसले में कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 (जीने के अधिकार) के तहत दिए गए अधिकारों के अंतर्गत प्राकृतिक रूप से निजता का अधिकार संरक्षित है। इससे पहले, प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर की अध्यक्षता वाली नौ सदस्यीय संविधान पीठ ने इस सवाल पर तीन सप्ताह के दौरान करीब छह दिन तक सुनवाई की थी कि क्या निजता के अधिकार को संविधान में प्रदा एक मौलिक अधिकार माना जा सकता है। यह सुनवाई दो अगस्त को पूरी हुयी थी। सुनवाई के दौरान निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार में शामिल करने के पक्ष और विरोध में दलीलें दी गयीं।

मुख्य न्यायधीश के अतिरिक्त संविधान पीठ के अन्य सदस्यों में न्यायमूर्ति चेलामेर, न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति आर के अग्रवाल, न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन, न्यायमूर्ति ए एम सप्रे, न्यायमूर्त डी वाई चन्द्रचूड, न्यायमूर्त संजय किशन कौल और न्यायमूर्त एस अब्दुल नजीर शामिल हैं और उन्होंने भी समान विचार व्यक्त किए।

स मुद्दे पर सुनवाई के दौरान अटार्नी जनरल के के वेणुगोपाल, अतिरक्त सालिसीटर जनरल तुषार मेहता, वरिष्ठ अधिवक्ता सर्वश्री अरविन्द दातार, कपिल सिब्बल, गोपाल सुब्रमणियम, श्याम दीवान, आनंद ग्रोवर, सी ए सुन्दरम और राकेश द्विवेदी ने निजता के अधिकार को मौलिक अधिकारों में शामिल करने या नही किये जाने के बारे में दलीलें दीं और अनेक न्यायिक व्यवस्थाओं का हवाला दिया था।

निजता के अधिकार का मुद्दा केन्द्र सरकार की तमाम समाज कल्याण योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिये आधार को अनिवार्य करने संबंधी केन्द्र सरकार के कदम को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान उठा था। शुरू में तीन न्यायाधीशों की खंडपीठ ने सात जुलाई को कहा था कि आधार से जुड़े सारे मुद्दों पर वृहद पीठ को ही निर्णय करना चाहिए और प्रधान न्यायाधीश इस संबंध में संविधान पीठ गठित करने के लिये कदम उठायेंगे।

दिल्ली तुझे केजरी पे भरोसा नहीं क्या?

रेडियो रैड एफएम की रेडियो जॉकी मलिश्का द्वारा जब से मुंबई की सड़कों में गड्डों के ऊपर एक रैप गाना गाया है “मुम्बई तुला सोनू ” तब से इसकी तर्ज़ पर कई लोगों ने ऐसे ही गाने बनाये हैं।अब इसी कड़ी में दिल्ली के बच्चों ने एक गाना बनाया है इस गाने के जरिये बच्चों ने अरविंद केजरीवाल सरकार द्वारा अब तक किये गए कामों का विवरण दिया है। गाने की शुरुआत में बच्चे पूछते हैं की दिल्ली तुझे केजरी पे भरोसा नहीं क्या?

फिर गाने आगे बढ़ता है और बच्चे बताते हैं की किस प्रकार आम आदमी पार्टी की सरकार बनते ही 2015 में अरविंद केजरीवाल सरकार ने बिजली के बिल आधे कर दिये अर्थात पहले जिसका बिल 100 रुपये आता था अब उसका बिल 50 रुपये ही आता है और ये बात एकदम सच है। फिर आगे केजरीवाल सरकार द्वारा प्रत्येक घर को 20 हज़ार लीटर पानी प्रति माह मुफ्त देने की बात की गई है । यह फैसला भी केजरीवाल ने सरकार बनते ही प्रत्येक घर को प्रतिमाह 20 हजार लीटर पानी मुफ्त देना शुरू कर दिया था क्योंकि उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान दिल्ली की जनता से वादा किया था कि उनके सरकार बनाते ही वो प्रत्येक घर को 20 हजार लीटर प्रतिमाह मुफ्त पानी देंगे।

फिर गाना और आगे बढ़ता है और बच्चे शिक्षा के क्षेत्र में मनीष सिसोदिया द्वारा किये गए काम के बारे मे बताते हैं। दिल्ली की केजरीवाल सरकार में उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने जो सरकारी स्कूलों में सुधार का काम किया है वो अतुलनीय है।मनीष ने 2 साल के अंदर-अंदर 25 नए स्कूल , 8000 नये क्लासरूम बनवाये और स्कूल के प्रिंसिपल एवं शिक्षकों को ट्रेनिंग के लिए कैंब्रिज यूनिवर्सिटी और आईआईएम जैसे संस्थानों में भेज कर ट्रेनिंग करवाई और उसीका नतीजा है कि पिछले 2 साल से जब से आम आदमी पार्टी की सरकार दिल्ली में बनी है तब से दोनों बार दिल्ली के सरकारी स्कूलों रिजल्ट निजी स्कूलों से बेहतर आया है और निजी स्कूलों के छात्र भी दिल्ली के सरकारी स्कूलों में दाखिला ले रहे हैं। मनीष सिसोदिया अभी और 10000 क्लासरूम बनवा रहे हैं ताकि एक कक्ष में 40 या 50 से ज्यादा छात्र ने हों अन्यथा तो सरकारी स्कूलों में एक कक्ष में 150 बच्चों के लगभग होते हैं।

इसके आगे के हिस्से में बच्चे केजरीवाल सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में किये गये कार्यों के बारे में बताते हैं। जब से दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी है शिक्षा के अलावा इस सरकार का सबसे ज्यादा ध्यान स्वास्थ्य सेवाओं पर है तभी दिल्ली का स्वास्थ्य बजट कुल बजट का 12% है जो शिक्षा के बाद सबसे ज्यादा है। दिल्ली का शिक्षा बजट लगभग 25% है। यही कारण है कि अब दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को सारी दवाएं मिल जाती हैं और यदि दवा ना मिले तो उसके लिए सरकार की तरफ से एक नंबर जारी किया गया है जिसका इस्तेमाल कर मरीज सारी दवाएं प्राप्त कर सकते हैं। सरकारी अस्पतालों के अलावा दिल्ली सरकार ने 120 मोहल्ला क्लीनिक और 23 पोलीक्लीनक भी खोले हैं। यदि आपको बहुत बड़ी कोई बीमारी नहीं है तो बड़े अस्पताल जाने की आवश्यकता नहीं है। दिल्ली के मोहल्ला क्लीनिक की तारीफ वैसे तो विश्व भर में ही रही है परंतु इसे बल जब मिला जब यूनाइटेड नेशन्स के पूर्व जनरल सेक्रेटरी कॉफी अन्नान ने चिट्ठी लिखकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को मोहल्ला क्लीनिक जैसी व्यवस्था बनाने के लिए बधाई दी।इसके अलावा दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल मैगज़ीन “लसेस्ट” में भी मोहल्ला क्लीनिक पर लेख लिखा गया है।

यह वीडियो 47 सेकंड का है और ठीक बवाना उपचुनाव से पहले आया है देखना दिलचस्प होगा कि इस उपचुनाव में वहाँ की जनता केजरीवाल पर कितना भरोसा करती है।

वीडियो देखने के लिए नीचे क्लिक करें।

लड़कियाँ रात को ना घूमें नहीं तो लड़के छेड़ेंगे:भाजपा उपाध्यक्ष


हरियाणा में एक लड़की का कथित रूप से पीछा करने के आरोप में शनिवार(5 अगस्त) को हरियाणा में बीजेपी अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन कुछ देर बाद ही दोनों को जमानत पर छोड़ दिया गया है। इस घटना के बाद बीजेपी चौतरफा घिरती दिखाई दे रही है।
देश भर में इस घटना की निंदा हो रही है। विपक्षी पार्टियों के साथ-साथ अब पार्टी के अंदर से ही आवाजें उठनी शुरू हो गई हैं। इस बीच हरियाणा बीजेपी के उपाध्यक्ष ने एक विवादित बयान देकर मामले को और गर्म कर दिया है। हरियाणा इकाई के बीजेपी के उपाध्यक्ष रामवीर भट्टी ने विवादित बयान देते हुए कहा कि वो लड़की 12 बजे रात में क्यों घूम रही थी?

अंग्रेजी न्यूज चैनल सीएनएन न्यूज 18 से बात करते हुए भट्टी ने यह कही। प्रदेश उपाध्यक्ष भट्टी ने कहा, “वो लड़की इतनी रात को क्यों घूम रही थी? लड़की को 12 बजे के बाहर नहीं घूमना चाहिए था।” भट्टी ने ये भी कहा कि माहौल सही नहीं है और हमें अपनी रक्षा खुद करनी पड़ती है, लड़की को इतनी रात बाहर नहीं घूमना चाहिए था।
बीजेपी उपाध्यक्ष ने कहा कि लड़की इतनी रात को क्या लेने गई थी? उन्होंने कहा कि जो घटना हुई उसकी मैं निंदा करता हूं। लेकिन यह भी कहता हूं कि वो लड़की इतने रात में 12.30 बजे क्या कर रही थी? उसके मां बाप को अपनी बेटी का ध्यान रखना चाहिए। सीएनएन की वरिष्ठ पत्रकार पल्लवी घोष ने भट्टी के इस बयान को अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है।

आईएएस की बेटी का पीछा:बीजेपी अध्यक्ष का बेटा गिरफ्तार


हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे विकास बराला को चंडीगढ़ पुलिस ने छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि विकास बराला और उसके दोस्त ने एक आईएएस अधिकारी की बेटी की गाड़ी का पीछा किया जिसकी शिकायत के बाद पुलिस ने शनिवार को विकास बराला को गिरफ्तार किया।

विकास बराला को उसके एक दोस्त के साथ चंडीगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार किया था। विकास बराला और उसके दोस्त के खिलाफ चंडीगढ़ के सेक्टर 26 थाने में आईएएस अधिकारी वीरेंद्र सिंह कुंडु की बेटी वर्निका कुंडु ने रात में नशे की हालत में गाड़ी का बेतरतीब पीछा करने की शिकायत दर्ज कराई थी. वर्निका कुंडु डीजे प्रोड्यूसर हैं जो अलग-अलग मंच पर डीजे म्युजिक बजाती हैं।

वर्निका ने शिकायत में कहा कि विकास बराला और उसका साथी चंडीगढ़ सेक्टर 7 से उसका पीछा कर रहे थे। इस दौरान रास्ते में कई बार उन्होंने पीड़िता की गाड़ी रोकने की कोशिश की जिसके बाद पीड़िता ने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तफ्तीश के बाद मीडिया से कहा कि दोनों आरोपी नशे की हालत में थे।

इस बीच वर्निका और उनके पिता वीरेंद्र दोनों ने सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर अलग-अलग पोस्ट लिखकर घटना के बारे में लिखा है और कहा है कि उन्हें पता है कि वो पावरफूल लोगों के खिलाफ खड़े हो रहे हैं और तब तक इसके खिलाफ लड़ेंगे जब तक वो लड़ सकते हैं।

पुलिस के मुताबिक पीड़िता ने पुलिस में शिकायत में कहा है कि विकास बराला और उसका साथी चंडीगढ़ सैक्टर 7 से उसका पीछा कर रहे थे। इस दौरान कई बार रास्ते में उन्होंने पीड़िता का गाड़ी रुकवाने की भी कोशिश की जिसके बाद पीड़िता ने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तफतीश के बाद मीडिया को दिए बयान में कहा कि दोनों आरोपी नशे की हालत में थे।

ज़मानत भी मिल गई
नशे की हालत में आधी रात हरियाणा के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी वीरेंद्र सिंह कुंडु की बेटी वर्निका कुंडु की कार का पीछा करने के आरोप में गिरफ्तार हरियाणा भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे विकास बराला को जमानत मिल गई है।

विकास बराला को जमानत मिलते ही विरोधियों ने आरोप लगाना शुरू कर दिया है कि प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे को बचाने के लिए चंडीगढ़ पुलिस राजनीतिक दबाव में है।